पाइपरसिलिन
Piperacillin
यह क्या है
पाइपरसिलिन एक एंटीबायोटिक है जिसका उपयोग विभिन्न बैक्टीरिया संक्रमणों के इलाज के लिए किया जाता है। भारत में इसके लिए प्रिस्क्रिप्शन की आवश्यकता होती है।
यह किन तकलीफ़ों में दी जाती है
पाइपरसिलिन पेट के अंदर के संक्रमण, नोसोकोमिअल निमोनिया, त्वचा और त्वचा संरचना के संक्रमण, महिला पेल्विक संक्रमण, और सामुदायिक-अर्जित निमोनिया जैसे विभिन्न बैक्टीरिया संक्रमणों के इलाज के लिए प्रयोग किया जाता है।
- पेट के अंदर के संक्रमण
- नोसोकोमिअल निमोनिया
- त्वचा और त्वचा संरचना के संक्रमण
- महिला पेल्विक संक्रमण
- सामुदायिक-अर्जित निमोनिया
यह कैसे काम करती है
पाइपरसिलिन एक पेनिसिलिन-क्लास एंटीबायोटिक है जो बैक्टीरिया की कोशिका भित्ति के निर्माण में हस्तक्षेप करके काम करता है, जिससे उन्हें बढ़ने और गुणा करने से रोका जा सकता है। यह अक्सर ताज़ोबैक्टम के साथ संयोजित किया जाता है, जो एक बीटा-लैक्टामेज इनहिबिटर है, ताकि पेनिसिलिन को तोड़ने वाले एंजाइमों के विरुद्ध इसकी प्रभावशीलता बढ़ाई जा सके।
भारत में यह किस रूप में मिलती है
भारत में पाइपरसिलिन इंजेक्शन और पाउडर या सैशे के रूप में मिलती है।
आम दुष्प्रभाव
हमारे स्रोतों में इसकी जानकारी नहीं है।
इन हालात में तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ
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किन्हें यह दवा नहीं लेनी चाहिए
हमारे स्रोतों में इसकी जानकारी नहीं है।
ब्रांड के नाम
भारत में 912 दवाओं में पाइपरसिलिन है।
भारत में बिकने वाले ब्रांड में शामिल हैं Piprapen, Pipracil Sodium, Pracil, Piptal. पत्ते पर नाम कोई भी हो, अंदर की दवा वही है जो इस पन्ने पर बताई गई है।
यह जानकारी कहाँ से आई है
हम मात्रा नहीं बताते। कितनी दवा लेनी है यह उम्र, वज़न और बाकी बीमारियों पर निर्भर करता है — अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।
यह पन्ना सामान्य जानकारी है, डॉक्टरी सलाह नहीं, और डॉक्टर को दिखाने का विकल्प नहीं है। इसमें न मात्रा दी गई है, न कीमत।